Fundamental Rights in Hindi 2021 | Maulik Adhikar | भारत के मौलिक अधिकार 2021

Introduction of Fundamental Rights in Hindi 2021 - Maulik Adhikar in Hindi - भारत के मौलिक अधिकार 2021

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Fundamental Rights in Hindi 2021 by Information Junction

Meaning of Fundamental Rights - मौलिक अधिकारों का अर्थ

मौलिक अधिकार उन अधिकारों को कहा जाता है जो एक व्यक्ति के जीवन के लिये मौलिक होने के कारण संविधान के ज़रिये नागरिकों को अधिकार दिया जाता हैं | 

मौलिक अधिकार का आसान शब्दो में अर्थ है कि जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को पूर्ण विकास के लिये आवश्यक हैं और जिनके बिना मनुष्य अपना पूर्ण विकास नही कर सकता | 

Introduction of Fundamental Rights - मौलिक अधिकार के बारे

मौलिक अधिकार के बारे में भारत के संविधान के तीसरे भाग में बताया गया है कि भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए वे अधिकार हैं जो सामान्य स्थिति में सरकार द्वारा सीमित नहीं किए जा सकते हैं और जिनकी सुरक्षा का प्रहरी सर्वोच्च न्यायालय है। ये अधिकार सभी भारतीय नागरिकों की नागरिक स्वतंत्रता प्रदान करते हैं जैसे सभी भारत के नागरिक, भारतीय नागरिक के रूप में शान्ति और धैर्य के साथ समान रूप से जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं। भारत के मौलिक अधिकार 2021...

What are the 6 Fundamental Rights of India in Hindi - मौलिक अधिकार कौन-कौन से होते हैं?

  • समानता का अधिकार » अनुच्छेद 14 से 18 में।
  • स्वतंत्रता का अधिकार » अनुच्छेद 19 से 22 में।
  • शोषण के विरुध अधिकार » अनुच्छेद 23 से 24 में।
  • धार्मिक स्वतंत्रता क अधिकार » अनुच्छेद 25 से 28 में।
  • सांस्कृतिक तथा शिक्षा सम्बंधित अधिकार » अनुच्छेद 29 से 30 में।
  • संवैधानिक उपचारों का अधिकार » अनुच्छेद 32 में

Benefits of Fundamental Rights - मौलिक अधिकार के फायदे


मौलिक अधिकार ऐसे अधिकार है जो मनुष्य को स्वेच्छानुसार(अपनी इच्छा के अनुसार) जीवन व्यतीत करने का अधिकार देता है। हम वह सारे कार्य कर सकते है मौलिक अधिकार के अंतरगर्त आते है।

Advantages and disadvantages of Fundamental Rights - मौलिक अधिकार के गुण एवं दोष


हमारे संविधान का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग मौलिक अधिकार है । मौलिक अधिकार शासन की निरंकुशता पर रोक लगाते हैं । सामाजिक बुराइयों का अन्त करते हैं । 

इसके विपरीत इन अधिकारों का दोष परिणाम भी यह है कि समानता का अधिकार एक तो दिखावा है और आज भी भारतीय समाज में काफी असमानताएं देखने को मिलता हैं ।

भारतीय समाज में आज भी अमीर लोग ही सुविधा का फायदा उठा रहे हैं, और आपातकाल में मौलिक अधिकारों की हत्या की जा रही है । कार्यपालिका द्वारा शक्ति के गलत प्रयोग की सम्भावना जताई जा रही हैं । 

When is Human Rights Day celebrated? - मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है


मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) 10 दिसंबर को मनाया जाता है

What will happen if the fundamental right is violated? - मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने से क्या होगा


यदि मौलिक अधिकारों का हनन विधायिका या कार्यपालिका के किसी कार्य या निर्णय से किया जाता है तब उन पर अनुचित प्रतिबंध लगाया जाता है और तो न्यायपालिका उसे अवैध घोषित कर सकती है।

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